
संभावित चक्रवात ‘मंथा’ को लेकर किसान डरे हुए हैं। चक्रवात के प्रभाव से धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। हजारों किसान इस आशंका में हैं कि चक्रवात सालाना फसल को नष्ट कर देगा। और 15 दिनों के बाद धान की कटाई शुरू होने को था । कुछ ख्येत मे धान पके गए हैं। जहां धान निकल रहा है । अगर बारिश होती है, तो पके हुए धान भी नष्ट हो जाएंगे। जो धान निकल रहा है वह फूल निकलने से नष्ट हो जाएगा। इसलिए, किसान चक्रवात की आशंका में कच्चे धान की कटाई कर रहे हैं।
इस साल अच्छी फसल हुई है, संभावित चक्रवात का डर सही समय पर किसानों के मन में प्रवेश कर गया है। इसलिए, वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए उत्सुक हैं।
दूसरी ओर, संभावित चक्रवात को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। सभी जिला कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और लोगों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी घटना के मामले में तुरंत मौके पर पहुंचें और सहयोग करें। किसी भी स्थान पर किसी को भी मदद की जरूरत हो तो तुरंत उनसे संपर्क करने को कहा गया है।
