
Bhubaneswar 24/1-लिंगभेद की मानसिकता का एक भयावह चेहरा सामने आया है। केंद्रापड़ा जिले के पट्टामुंन्डाई ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के डामरपुर गांव में देर रात एक महिला और उसकी बेटी को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के ससुर ने पेट्रोल डालकर उस बिस्तर में आग लगा दी, जिस पर बहू अपनी बेटी के साथ सो रही थी।
पीड़िता सस्मिता दास की शादी आठ साल पहले सुशांत राय से हुई थी। सस्मिता का आरोप है कि बेटे को जन्म न देने के कारण पति, ससुर और सास लंबे समय से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, सुशांत की पहली शादी से पहले से ही दो बेटियां हैं।
सस्मिता का सादी के बाद उनका एक बेटी हुआ । बेटी के जन्म के बाद उसे करीब दो महीने तक अस्पताल में अकेला छोड़ दिया गया था। उसने कहा कि वे मेरी मौत की कामना करते थे। मेरे पति और ससुर अक्सर मारपीट करते और गालियां देते थे।
घटना वाली रात उसके ससुर पास के बाजार से पेट्रोल लाए और बिस्तर पर डालकर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। घोर अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच वह किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रही, लेकिन उस समय उसकी बेटी अंदर ही रह गई।जब वह बच्ची को बचाने के लिए दोबारा घर में घुसी तो ससुराल वालों ने उस पर हमला कर दिया। जान का खतरा देखते हुए वह पूरी रात नवजात को लेकर घर के बाहर ही रही।घटना के बाद सस्मिता माय औरभाई को पट्टामुंडई ग्रामीण थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर के स्वसुर को गिर्फ करके ठाणे अटक रखा हे ।
