
पट्टामुन्डाई 31/10- वन विभाग ने शुक्रवार को केंद्रपाड़ा ज़िले के पट्टामुंन्डाई नगर पालिका अंतर्गत अलभा गाँव के एक तालाब से 10 फुट लंबे मगरमच्छ को बचाया। गाँव के तालाब में मगरमच्छ को तैरता देख लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने गाँव पहुँचने के बाद बचाव अभियान शुरू हुआ। ग्रामीणों लोगोने इसमें पूरा सहयोग किया। बचाव के बाद, वन विभाग ने मगरमच्छ को खुली नदी में छोड़ दिया, महाकालप्पारा रेंजर सतनु दलाई को इसकी सूचना दी। लेकिन वन विभाग की नाकामी बजबसे कई नदीसे मगरमच्छ भागकर गाँ के अंदर गुसजातेहें कोई तालाब में घुस जातेहें । और जोतलबा मेय मछलियाँ बहूत सारे होतेहें यूने खा जताहे । इस संबंध में आम लोगों ने वन विभाग से मुआवज़े की माँग की है।
पट्टामुन्डाई-राजनगर बाईपास मार्ग पर अल्भा गाँव के पास एक मगरमच्छ सड़क पार कर रहा था, तभी एकट्रक चालक ने उसे देखा। यह जानकर चालक ने गाड़ी रोक दी और मगरमच्छ पास ही स्थित प्रताप जेना के तालाब में कूद गया। ट्रक चालक ने तालाब मालिक को इसकी सूचना दी और वहाँ से चला गया। सुक्रवार की सुबह लोगों ने मगरमच्छ को तालाब में घूमते देखा और राजनगर वन विभाग के डीएफओ और महाकालपाड़ा रेंजर को सूचना दी. उसी समय मगरमच्छ को देखने के लिए तालाब के किनारे ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. उधर, तालाब मालिक प्रताप ने उक्त तालाब में करीब डेढ़ लाख रुपये की मछली पालन किया था. लेकिन मगरमच्छ घुस गया और मछली खा गया. इस मामले में प्रताप ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है. उधर, नदी घाटी में अक्सर मगरमच्छ देखे जाते हैं. लेकिन भेड़ा क्षेत्र में मगरमच्छ दिखने की दुर्लभ घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. प्रताप करीब 8बिका क्षमता वाले तालाब में मछली पालन कर रहे थे, तभी एक मगरमच्छ ने मछली खा ली. ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है.
