
केंद्रापडा, 27:7: गौ सम्मान अभियान का दूसरा चरण पूरा हो गया है। 25 जुलाई को तक देश के 790 जिलों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को 15 करोड़ से ज़्यादा साइन वाली पिटीशन सौंपी गई थी। इसमें पिटीशन के ज़रिए सरकार से 30 से ज़्यादा मांगें की गई हैं, जैसे गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देना और केंद्रीय मंत्रालय से गोहत्या पर रोक लगाने वाला कानून बनाना। गाय की सेवा, सुरक्षा और सम्मान पक्का करने के लिए पूरे देश में चलाए जा रहे गौ सम्मान अभियान का दूसरा चरण अब पूरा हो गया है। पिछले 6 महीने से देशभर में साधु-संतों, गौ भक्तों और गौ भक्तों की लीडरशिप में गौ सम्मान अभियान चल रहा है। इस अभियान के ज़रिए सरकार के सामने 30 से ज़्यादा बड़ी मांगें रखी गई हैं, जिनमें पूरे भारत में गोहत्या पर रोक लगाने के लिए एक सेंट्रल कानून बनाना, गोचरा की ज़मीन पर कब्ज़ा खत्म करना, एक सेंट्रल गो मंत्रालय बनाना, एक सेंट्रल गो पॉलिसी बनाना, और खेती, हेल्थकेयर, पर्यावरण, शिक्षा और इंसानी ज़िंदगी से जुड़े कई दूसरे ज़रूरी मुद्दों को गो-केंद्रित राष्ट्रवाद का हिस्सा बनाना शामिल है। इन मांगों ने पूरे देश में एक जन-जागरूकता अभियान का रूप ले लिया है। यहां यह बताना ज़रूरी है कि अभियान के पहले चरण में 25 जुलाई को पांच हज़ार तहसीलों में मांग पत्र जमा किए गए थे। दूसरे चरण में 790 ज़िला हेडक्वार्टर में मांग पत्र जमा किए गए।

इस सिलसिले में केंद्रपाड़ा ज़िले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नबकृष्ण जेना को मांग पत्र जमा किए गए हैं। दूसरे चरण में ज़िले में 3 लाख से ज़्यादा सिग्नेचर इकट्ठा किए गए और संतों की लीडरशिप में अभियान पूरा किया गया। इस अभियान में जिला गौ सम्मान अपील अभियान के प्रमुख विश्वरूपानंद सत्स्वती, श्रीमां स्वामी दिव्यस्वरूपानंद सरस्वती, जिला संयुक्त निदेशक शशांक कुमार जेना समेत सैकड़ों गौ भक्त मौजूद रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।
