
पट्टामुंन्डाई 8/10 – केंद्रापडा जिले के पट्टामुंन्डाई ब्लॉक के महिला कॉलेज परिसर में होने वाले दिव्यांग कैंप को लेकर ब्लॉक इलाके में विवाद और हंगामा हुआ है। इस बात पर नाराजगी जताई गई कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम की तैयारी पूरी तरह अंधेरे में और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्यों और सरपंचों की मौजूदगी के बिना की जा रही थी। हालात ऐसे थे कि कुछ लोगों ने कैंप के लिए बन रहे टेंट हाउस को बंद कर दिया और ब्लॉक प्रशासन की मनमानी का विरोध करते हुए ब्लॉक के अंदर बन रहे टेंट को तोड़ दिया। इस गुस्से भरे माहौल की खबर मिलते ही भाजपा नेता और राजनगर विधायक उम्मीदवार ललित बेहरा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ब्लॉक के बाहर से ही हालात का जायजा लिया और सरकारी काम रोकने की ऐसी घिनौनी हरकत की निंदा की।
जानकारी के मुताबिक, दिव्यांगों को मदद और सर्टिफिकेट देने के लिए सरकार की मदद से कैंप लगाया जा रहा है। लेकिन आरोप है कि पट्टामुंडई ब्लॉक एडमिनिस्ट्रेशन और संबंधित डिपार्टमेंट ने इस कैंप की जगह और समय को पूरी तरह सीक्रेट रखा। सरपंच कमेटी के मेंबर और लोकल इलाके की जनता को बिना कोई पहले से जानकारी दिए या उन्हें भरोसे में लिए, बिडीओ ने विमेंस कॉलेज के कैंपस में कैंप के लिए टेंट और पवेलियन बनाना शुरू कर दिया था। लेकिन सरकारी नियमों के मुताबिक, गांवों के पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव को अपने इलाके के दिव्यांग लोगों को इस कैंप के बारे में 7 दिन पहले बताना था। लेकिन बिडिओ इसमें पूरी तरह फेल हुआथा । जिससे गांवों के पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव परेशान थे। एडमिनिस्ट्रेशन की ऐसी सीक्रेट पॉलिसी का कड़ा विरोध करते हुए कुछ गुस्साए लोगों ने महिला कॉलेज में कैंप के लिए तैयार हो रहे टेंट हाउस को तुरंत बंद करने की मांग की और ब्लॉक कैंपस के टेंट का बांस और कपड़ा भी फाड़ दिया। एडमिनिस्ट्रेशन की गैर-जिम्मेदारी और लोकल लीडरशिप को बायपास करने की आदत की वजह से वहां एक तरह की अराजकता और आंदोलन की स्थिति बन गई। वीडिओ शीतल अग्रवाल से संपर्क करने के बाद उनहने बोले कैंप के सभी PIR सदस्यों और सरपंचों को पिछले सोमवार को एक लेटर भेजा गया था। उन्होंने साफ किया कि ब्लॉक अध्याख से कैंप के सभी प्रोग्राम के साथ जगह बदलने पर चर्चा करने के बाद प्रोग्राम किया जा रहा है।
सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी BJD के नेता और कार्यकर्ता और चुने हुए जनप्रतिनिधि पट्टामुंन्डाई ब्लॉक के सामने इकट्ठा होने के बाद ब्लॉक में हंगामा जैसा माहौल देखा गया। दंगे की आशंका को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
इस बारे में सरपंच संघ सभा नेत्रि लक्ष्मीप्रिया सडांगी का कहना है कि वह सरकार के ऐसे मनमाने और एकाधिकार वाले प्रोग्राम की कड़ी निंदा करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं और प्रोग्राम ट्रांसपेरेंसी के साथ असली लाभार्थियों तक पहुंचने चाहिए। लेकिन उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पट्टामुंडई में एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी किसी पार्टी के फायदे के लिए या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करके इस तरह का सीक्रेट कैंप लगा रहे हैं।
इस बारे में जिला परिषद नंबर 17 के सदस्य रंजन बिस्वाल का कहना है कि जिन दिव्यांग भाई-बहनों को इस कैंप से सच में फायदा मिलना चाहिए, उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है। सरपंच और समिति के सदस्य गांवों के पहले पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव होते हैं, जो हर गांव के असली बेनिफिशियरी को जानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता उनके खिलाफ किसी भी कैंप को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
